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Tuesday, 3 January 2012

ना होगा कोई चमत्कार..होगी सिर्फ धमाल...

आते रहेंगे, जाते रहेंगे...नए दिन,नए साल...

अब तक कई आए...कई चले गए....
हर साल आता है एक नया संदेशा ले कर...
एक नई उम्मीद ले कर....
एक नई पहचान दिलाने का करता है वादा...
नए सपने...पुराने रंगों से रंगे हुए....
सामने धर देता है...
हम भी पुरानी नजर लिए...
नए चश्में से ....देखते है...तकते है....
लेकिन हमारा मन जानता है और मानता है कि....
इसी तरह से....आते रहेंगे, जाते रहेंगे ...नए दिन,नए साल....
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...

पुरानी फिल्मों की कहानियाँ...
आती रहेंगी रुपहले परदे पर....
कलाकार नए होने ...स्वांग रचाने वाले....
पुराने गीत...रीमिक्स बन कर आते रहेंगे....
नई आवाजों में ढले हुए....
संगीत भी पुरानी धुन परोसेगा....
नए विदेशी वाद्यों में समा कर....
पुरानी ठंडी प्रेम कहानियाँ....
परोसी जाएगी....सेक्स की भट्टी में तपाकर...
हम फिरभी फिल्में देखेंगे....
कुछ नया मिल जाएगा समझकर....
लेकिन हमारा मन जानता है...और मानता है कि....
इसी तरह से....आते रहेंगे, जाते रहेंगे....नए दिन, नए साल...
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...

मंच का फैशन तो पुराना ही रहेगा...
नेता भी मंच पर होंगे पुराने डिजाइन के लिबास में
वही पुरानी हंसी होठों पर चिपकाए हुए....
हम पुरानी लेकिन नई लगने वाली ...
आशाभरी नज़रों से देखेंगे उन्हें...
गरीबी हटाने का पुराना राग आलापते हुए...
वादे भी नए सिरे से....पुराने ही करेंगे वह...
हम से वोंट मांगने का उनका पुराना तरीका...
नेहरू-गांधी-तिलक...सुभाषचंद्र और सरदार पटेल के नाम....
आंसू बहा कर ...गद गद् हो कर...
भरे गले से...देश का झंडा लहराएंगे...
राष्ट्र-गीत भी गाया जाएगा...
हम चुप-चाप से सुनेंगे...
सोचेंगे हमारी भलाई है इसी नेता को चुनाव जिताने में...
लेकिन हमारा मन जानता है....और मानता है कि...
इसी तरह से...आते रहेंगे,जाते रहेंगे ...नए दिन, नए साल...
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...

....चलिए!..हम भी पुरानी लोकप्रिय परिपाटी अपनाते है ...हाँ!..मगर तहे दिलसे आप सभी को नूतन वर्ष की मंगलमय शुभकामना भेजते है....अवश्य स्वीकार करें!

13 comments:

shikha varshney said...

मस्त अंदाज है .
आपको भी नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें.

वन्दना said...

नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

दिलीप said...

achcha hai kahan kabhi kuch badalne wala hai...

ASHOK BIRLA said...

नव वर्ष की शुभकामनायें.

ये जो जिंदगी है कोई दासता है कब होगा क्या ये खबर कहा है !!
ये जो जिंदगी है कोई करवा है कहा जाएगी ये खबर कहा है !!

dheerendra said...

अरुणा जी, बहुत अच्छी प्रस्तुति, भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति का अंदाज सुन्दर लगा,
WELCOME to--जिन्दगीं--

प्रेम सरोवर said...

आपके पोस्ट पर आकर का विचरण करना बड़ा ही आनंददायक लगता है । मेरे नए पोस्ट "लेखनी को थाम सकी इसलिए लेखन ने मुझे थामा": पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद। .

हास्य-व्यंग्य का रंग गोपाल तिवारी के संग said...

मंच का फैशन तो पुराना ही रहेगा...
नेता भी मंच पर होंगे पुराने डिजाइन के लिबास में Bahut Khoob.

veerubhai said...

हम भी पुरानी नजर लिए...
नए चश्में से ....देखते है...तकते है....
लेकिन हमारा मन जानता है और मानता है कि....
इसी तरह से....आते रहेंगे, जाते रहेंगे ...नए दिन,नए साल....
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...
जैसे नै बोतल में पुरानी शराब .बेहतरीन परिवेश बुना है इस पोस्ट में आपने .

नीरज गोस्वामी said...

इसी तरह से....आते रहेंगे, जाते रहेंगे....नए दिन, नए साल...
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...

सच कहा आपने...बेजोड़ रचना...बधाई
नीरज

संजय भास्कर said...

बहुत दिनों बाद इतनी बढ़िया कविता पड़ने को मिली.... गजब का लिखा है

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं....!
जय हिंद...वंदे मातरम्।

कविता रावत said...

लेकिन हमारा मन जानता है....और मानता है कि...
इसी तरह से...आते रहेंगे,जाते रहेंगे ...नए दिन, नए साल...
ना होगा कोई चमत्कार...होगी सिर्फ धमाल...
.sach yahi sab badstur chalta aa raha hai..
badiya rachna

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपके ब्लॉग को देखे कितना अधिक सामी बीत गया ...क्षमा चाहूंगी देर से आने के लिए ...

सत्य को कहती अच्छी रचना .... देर से ही सही ...शुभकामनायें